Benefits of white & black Cumin, सफेद व काले जीरे के 50 औषधीय फायदे।
Benefits of White & Black Cumin, सफेद व काले जीरे के औषधीय 50 फायदे।
सफ़ेद जीरे के औषधीय गुण :-
1.यह (Cumin) पाचक और सुगंधित मसाला है। यह पेट के विकारों को दूर करने में बहुत ही उपयोगी है। जीरा (Cumin) गर्म प्रकृति का होता है। भोजन में अरुचि, पेट फूलना, अपच आदि को दूर करने में जीरा (Cumin) एक उपयोगी औषधि की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। जीरा (Cumin) पेट के कीड़े खत्म करने व बुखार उतारने में भी सहायक है।
2. भुने हुए जीरे को सूंघने से जुकाम से छीकें आना बंद हो जाता है।
3. एक गिलास ताजी छाछ में सेंधा नमक और भुना हुआ जीरा (Cumin) मिलाकर भोजन के साथ लें, इससे अजीर्ण और अपच से छुटकारा मिलेगा।
4. बच्चोंको दस्त होने पर बबूल की कोमल पत्ती, अनार की कली व जीरा (Cumin) मिलाकर दें, लाभ होगा।
5.आंवले को भूनकर गुठली निकालकर पीसकर धीमे भूनें। फिर उसमें स्वादानुसार जीरा (Cumin), अजवाइन, सेंधा नमक और थोड़ी सी भुनी हुई हींग मिलाकर गोलियां बना लें। इन्हें खाने से भूख बढ़ती है। इतना ही नहीं, इससे डकार, चक्कर और दस्त में लाभ होता है।
6.पानी में जीरा (Cumin) डालकर उबालें और छानकर ठंडा करें। इस पानी से मुंह धोने से आपका चेहरा साफ और चमकदार होता है।
7.जीरा (Cumin) और सेंधा नमक महीन पीसकर मंजन करने से दांतों तथा मसूड़ों के दर्द में आराम मिलेगा और मुंह की दरुगंध नष्ट होगी।
8.हिस्टीरिया के रोगी को गर्म पानी में भुनी हींग, जीरा (Cumin), पुदीना, नींबू और नमक मिलाकर पिलाने से रोगी को तत्काल लाभ होता है।
9.थायराइड(Thyroid) (गले की गांठ) में एक कप पालक के रस के साथ एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच जीरा (Cumin) पाउडर मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।
10.मेंथी, अजवाइन, जीरा (Cumin) और सौंफ 50-50 ग्राम और स्वादानुसार काला नमक मिलाकर पीस लें। एक चम्मच रोज सुबह सेवन करने से शुगर, जोड़ों के दर्द और पेट के विकारों से आराम मिलेगा। गैस की समस्या में इससे तत्काल लाभ मिलेगा।
11.प्रसूति के पश्चात जीरे के सेवन से गर्भाशय (Uterus) की सफाई हो जाती है।
12.जीरे को पानी में उबाल लें, फिर उस पानी से स्नान करने से खुजली मिटती है।
13.जीरा (Cumin), अजवाइन, सोंठ, कालीमिर्च, और काला नमक अंदाज से लेकर चूर्ण कर लें। इसमें थोड़ी सी घी में भूनी हींग मिलाकर खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है। पेट का दर्द ठीक हो जाता है।
14.जीरा (Cumin), अजवाइन और काला नमक का चूर्ण रोजाना एक चम्मच खाने से तेज भूख लगती है और पेट की गैस शांत होती है।
15. 3 ग्राम जीरा (Cumin) और 125 मि.ग्रा. फिटकरी पोटली में बांधकर गुलाब जल में या उबाल कर ठंडा किए हुए 10 ग्राम जल में भिगो दें। आंख में दर्द होने पर या लाल होने पर इस रस को टपकाने से आराम मिलता है।
16.दही में भूरे जीरे का चूर्ण मिलाकर खाने से डायरिया मिटता है।
17.जीरे को नींबू के रस में भिगोकर नमक मिलाकर गर्भवती स्त्री को देने उसका जी मचलाना बंद हो जाता है।
18.सिरके के साथ जीरा (Cumin) देने से हिचकी बंद हो जाती है।
19.जीरे को गुड़ के साथ खाने से मलेरिया (Malaria) में लाभ पहुंचता है।
20.यह (Cumin) आयरन का सबसे अच्छा स्त्रोत है, जिसे नियमित रूप से खाने से खून की कमी दूर होती है।
21.एसीडिटी से तुरंत राहत पाने के लिए, एक चुटकी कच्चा जीरा (Cumin) खाने से फायदा मिलता है।
22.ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए छोटा चम्मच पिसा जीरा (Cumin) दिन में दो बार पानी के साथ लें।
23.यह (Cumin) आयरन का सबसे अच्छा स्रोत है। इसे नियमित रूप से खाने से खून की कमी दूर हो जाती है। गर्भवती महिलाओं के लिए जीरा (Cumin) अमृत का काम करता है।
24.इसको (Cumin) अजवाइन, सौंठ, कालीमिर्च, और काला नमक अंदाज से लेकर इसमें घी में भूनी हींग कम मात्रा में मिलाकर खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है। पेट का दर्द ठीक हो जाता है।
25.यह (Cumin) सौंदर्य बढता है। जीरा (Cumin) उबाल कर उस पानी से रोजाना मुख धुलिये। चेहरा खिल उठेगा।
26.यह (Cumin) दूध बढ़ाता है। खीर में मेवे की जगह १ चम्म्च जीरा (Cumin) डालिये। ये खीर खाने से दूध बढ़ जाएगा।
27.यह (Cumin) गहरी नींद लाता है। सोते समय भून कर पिसे हुए जीरे के चूर्ण को गरम दूध से फांक लीजिये ,लगभग ४ ग्राम ,देखिये कितनी अच्छी नींद आती है।
28.आपको ब्लड -प्रेशर (blood pressure) भी है, एसिडिटी (Acidity ) भी है, भूख भी नहीं लगती तो जीरे की शरण में जाइये। १०० ग्राम जीरा (Cumin) २५ ग्राम काली मिर्च और १२५ ग्राम मिश्री या बूरा मिला कर पीस लीजिये ,१-१ चम्म्च पानी से निगल लीजिये सुबह शाम दोनों समय। कम से कम १ माह तक लगातार।
29.यह (Cumin) कैंसर से बचाता है ,हर हाल में दोनों समय जीरा (Cumin) भोजन में प्रयोग कीजिये।
30.यह (Cumin) हीमोग्लोबिन भी बढ़ाता है और प्रतिरोधक क्षमता भी।
31.यह (Cumin) हमारी त्वचा का सबसे अच्छा दोस्त है। जीरे का पतला पेस्ट तैयार कीजिये ,इस पेस्ट को साबुन की तरह पुरे बदन पर खूब मलिए। फिर सादे पानी से बिना साबुन के नहा लीजिये। सप्ताह में कम से कम एक बार इस क्रिया को करते रहने से स्किन डिजीज आपसे कोसों दूर रहेगी।
32.यह (Cumin) मुंह की बदबू भी दूर करता है। भुने हुए जीरे को चबा-चबाकर चूसिये।
33.खट्टी डकारें आ रही हो तो भुने हुए जीरे के चूर्ण में सेंधा नमक मिलाकर गर्म पानी से निगलिये ,एक-एक घंटे के अंतराल पर ३ बार लेना काफी होगा। पेट हल्का हो जाएगा।
34.यह (Cumin) उल्टियां भी रोकता है। २ ग्राम जीरे के चूर्ण को एक गिलास पानी में डालिये ,स्वाद केअनुसार सेंधा नमक और नीबू मिलाइये और पी लीजिये ,तुरंत उलटी रुक जायेगी।
35.पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा हो तो २-३ ग्राम जीरे का चूर्ण शहद मिलाकर चाट लीजिये ,१० मिनट में ही दर्द गायब हो जाएगा।
36.यह (Cumin) पेट के कीड़े (Stomach bug)भी मारता है। २ ग्राम भुने हुए जीरे का चूर्ण शहद में मिलाकर सुबह खाली पेट चटाइए। कीड़े मल के साथ बाहर निकल जायेंगे।
37.जीरे से एक पाचक चूर्ण आप घर में बनाकर रखिये-जीरा (Cumin) सौंफ धनिया ५०-५० ग्राम लीजिये और भून लीजिये फिर इसमें ५० ग्राम अनारदाना ,२५ ग्राम काला नमक, १० ग्राम सेंधा नमक मिलाइये और सबके वजन के बराबर चीनी मिलाइये। एक साथ महीन पीस लीजिये अब इस मिश्रण में ३ नीबू का रस मिला दीजिये। तैयार हो गया पाचक चूर्ण। सुबह शाम १-१ चम्म्च खाइये या आवश्यकतानुसार खाइये।
38.जीरे से मंजन भी बनता है जो मसूड़ा सूज जाए तो बहुत काम आता है। २० ग्राम जीरा (Cumin) भून लीजिये उसमे २० ग्राम सेंधा नमक मिलाइये और महीन पीस लीजिये ,अब इससे मंजन करिये दांत मजबूत होंगे ,मसूड़ों की सूजन ख़त्म होगी। १०० तरह के पेस्ट पर यह अकेला मंजन भारी है।
39.यह (Cumin) गर्भवती नारी के लिए वरदान है। गर्भ के दौरान कब्ज होती है ,जिसकी वजह से बवासीर हो जाना आम बात है। कभी कभी खूनी बवासीर भी(Emerods ) हो जाती है। ऎसी दशा में १-१ चम्म्च जीरा (Cumin) ,सौंफ और धनिया लीजिये रात में भीगा दीजिये एक गिलास पानी में। सवेरे इस पानी को उबालिये और आधा पानी जल जाय तो एक चम्म्च देशी घी मिलाकर पी लीजिये। यह काम सुबह शाम ५ दिनों तक कीजिये। बस रोग ख़त्म।
40.यह पुरानी बवासीर (chronic hemorrhoids) में लाभदायक है
काले जीरे के औषधीय गुण
1.काला जीरा (Black Cumin) हार्ट अटैक के खतरे को ख़त्म कर देता है। २-२ ग्राम काले जीरे का पाउडर शहद में मिलाकर सुबह शाम चाटिये।
2.काले जीरे को पानी में उबालकर उस पानी में बैठ जाइये तो खूनी बवासीर, और गर्भाशय और योनि की खुजली तीनो में फायदा मिलेगा।
3.नवजात शिशु के मर जाने पर माता के स्तनों का दूध सुखाने के लिए काले जीरे को पानी में पीस कर लेप कर देना चाहिए ,अन्यथा या तो दूध बहता रहेगा या स्तनो में ही एकत्र होकर गांठ का रूप ले लेगा।
4.जहरीले बिच्छू आदि के काटने पर जीरे के चूर्ण और नमक को बराबर मात्रा में मिला कर फिर उसमे घी मिलाकर मलहम बनाइये और काटे हुए स्थल पर लेप कर दीजिये। जहर उतर जायेगा।
5.बहुत पुराना बुखार हो या मलेरिया हो ,काले जीरे का २-३ ग्राम पाउडर गुड मिला कर खा लीजिये। सुबह दोपहर शाम तीन बार ,बुखार गायब !
6.जीरा (Jeera) बहुत ही कमाल की चीज है इसलिये शायद ही कोई हमारी रसोई में इसी कोई सब्जी या दाल हो जो बिना जीरा डाले बनती हो जीरा की रेसिपी भी बहुत फेमस हैं जीरा आलू, जीरा चावल आदि जीरे का यदि तेल (Cumin Seed oil) निकला जाये तो यह भी बहुत से बिमारियों में लाभदायक है यह वजन कम (Weight loss) करने भी काम आता है l
Thanks.



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